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Showing posts from November, 2020

WDM-2 डीज़ल इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव

WDM2 डीजल इलेक्ट्रीक लोकोमोटिव W- ( wide line) बडी लाईन D- डीजल लोकोमोटिव M-मिक्सड सव्रिस (सवारी तथा मालगाडी) 2- मॉडल नं. WDM2 लोकोमोटिव यह बडी लाईन पर चलने वाला, सवारी तथा मालगाडी के लिये बनाया गया डीजल लोकोमोटिव है। इस लोकोमोटिव पर 251-B प्रकार का डीजल इंजिन लगा है। इस डीजल इंजिन के द्वारा जनरेटर को चलाकर बिजली प्राप्त की जाती है। इस बिजली के द्वारा ट्रॅक्शन मोटर चलाकर लेाकोमोटीव चलता है, इसलिए डीजल लोकोमोटिव यह इलेक्ट्रीकल ट्रांसमीशन लोकोमोटिव है । लोकोमोटिव में 28 LAV1 यह ड्युल ब्रेक सिस्टम लगा है जिसके लिए एक्सप्रेशर लगा है ।                                लोकोमोटिव WDM2 लोको के मुख्यं भाग 1. नोज कंपार्टमेंट 2. लोको पायलट कॅब 3.कंट्रोल कंपार्टमेंट  4. जनरेटर रूम   5. इंजिन रूम 6. एक्सप्रेशर रूम. 7. रेडीएटर रूम   शॉर्ट हुड- लोकोमोटिव के नोज कंपार्टमेंट वाले सिरे.को शॉर्ट हुड कहते है। लॉग हुड -लोकोमोटिव के रेडीएटर रू...

ट्रेडिशनल डीज़ल लोको और EMD लोको में अंतर

 ट्रेडिशनल साधारण लोको के अंतर्गत WDS6-R WDM-२, WDM-३ आते है। EMD के अंतर्गत WDP-४, WDG-4, WDG-4D लोकोमोटिव आते है।  इन दोनों लोको में बहुत अंतर है जो निम्नलिखित है। 1. साधारण लोको में चार स्ट्रोक कंप्रेशन ईगिनेशन इंजन लगा रहता है। जबकि EMD लोको में दो स्ट्रोक कंप्रेशन ईगिनेशन इंजन लगा रहता है।  नोट- ऐसा अन्तर्दहन इंजन जिसमें सक्शन , कंप्रेशन और एग्जॉस्ट की क्रियाएँ अथार्त एक क्रिया चक्र पिस्टन के दो स्ट्रोक में पूरी होती है। ऐसे इंजन को दो स्ट्रोक इंजन कहते हैं। पिस्टन के दो स्ट्रोक में क्रैंक शाफ़्ट एक पूरे चक्कर लगाती है।  2. साधारण लोको में इंजन को मेन जेनेरेटर या एक्साइटर/ ऑक्सीलियरी जेनरेटर को मोटर बनाकर स्टार्ट किया जाता है। जबकि EMD लोकोमोटिव में इंजन स्टार्ट करने के लिए अलग से दो स्टार्टिंग मोटर लगी है।  3. साधारण लोको में  फ्यूल का प्रेशर बढ़ाकर नोज़ल तक फ्यूल ल् जाने के लिये फ्यूल इंजेक्शन पंप लगे हुए है। जबकि EMD लोकोमोटिव में मेकैनिकली यूनिट टाइप फ्यूल इंजेक्टर लगे हैं।